बहेलिया वंस राज्य: राजा हरेबा और राजा निगोरिया का शासनकाल
राजा हरेबा और राजा निगोरिया का शासनकाल प्रस्तावना बिहार के जमुई जिले के गिद्धौर क्षेत्र में चन्देल वंश की स्थापना से पूर्व वहाँ बहेलिया-वंशीय दुसाध जाति के राजाओं का शासन था। ये किरात-वंशीय शासक थे, जो प्राचीन काल से इस क्षेत्र के अधिपति थे। केशवचन्द्र मिश्र अपनी पुस्तक चन्देल और उनका राजत्व-काल में स्पष्ट उल्लेख करते हैं कि "चन्देलों के पहले यहाँके शासक किरात-वंशोय राजा थे और वे बहेलिया-वंशीय दुसाध थे।" इनके शासनकाल का इतिहास न केवल राजनीतिक दृष्टि से, अपितु सामाजिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। राजा हरेबा (हरेवा) पालवंशीय राजा इन्द्रद्युम्न सन् ११९८ ई॰ में मुस्लिम आक्रमणकारियों — बख्तियार खिलजी अथवा शहाबुद्दीन गोरी — से पराजित होकर बिहार से पलायन कर गए। उन्होंने अपनी राजधानी इन्दपै और तदुपरान्त जयनगर (लखीसराय) छोड़कर उड़ीसा की ओर प्रस्थान किया। इनके जाने के पश्चात् उनके सेनापति हरेबा-बरेबा ने गिद्धौर के सिंहासन पर अधिकार किया। ये दुसाधवंशी थे। डॉ॰ श्यामनन्दन प्रसाद के अनुसार हरेबा के वंशजों ने ११९८ ई॰ से १२६६ ई॰ तक, कुल ६८ वर्षों तक शासन किया। स्थान...