बहेलिया सैनिक: प्राचीन भारत के विस्मृत योद्धा
परिचय इतिहास के पन्नों में कई वीर योद्धाओं की गाथाएं दबी पड़ी हैं, जिनकी वीरता और शौर्य आज लगभग भुला दिए गए हैं। बहेलिया सैनिक ऐसे ही प्राचीन भारतीय योद्धा थे, जिन्होंने मुस्लिम आक्रमणों से पहले के युग में भारतीय सेनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1824 में फ्लोरेंस के इतिहासकार गिउलिओ फेरारियो ने अपनी प्रसिद्ध कृति "Il Costume Antico e Moderno" में इन वीर योद्धाओं का विस्तृत उल्लेख किया है, जो आज इनके अस्तित्व का एक दुर्लभ ऐतिहासिक प्रमाण है। सैन्य उत्कृष्टता और नवाचार बहेलिया सैनिकों की वीरता उनके अद्वितीय युद्ध कौशल और सैन्य उपकरणों में झलकती थी। इन योद्धाओं ने युद्ध तकनीक में उल्लेखनीय नवाचार किया था। उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनकी विशेष युद्ध पोशाक थी - सूती कपड़े से बनी, दो अंगुलियों की मोटाई तक गद्देदार वर्दी, जिसे वे गोलियों से सुरक्षा के लिए पहनते थे। यह उनकी सामरिक सोच और आत्मरक्षा की समझ का प्रमाण था। इन वीर योद्धाओं ने फ्यूज फायर जैसी उन्नत अग्नि तकनीक का प्रयोग किया, जो उस काल में एक महत्वपूर्ण सैन्य प्रगति थी। वे अपने बारूद को सींग में सुरक्षित रखते थे, जो उनकी...